बलरामपुर : जर्जर सड़क देख कृषि मंत्री रामविचार नेताम नाराज, SDO और सब इंजीनियर के निलंबन का प्रस्ताव
प्रतापपुर-डवरा-सेमरसोत मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे और उखड़ी सड़क देखकर मंत्री ने मौके से कलेक्टर को फोन किया
बलरामपुर-रामानुजगंज। अपने विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान प्रतापपुर से डवरा-सेमरसोत जाने वाले मार्ग की बदहाल स्थिति देखकर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने नाराजगी जताई। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे और उखड़ी हुई डामर की परत देखकर उन्होंने सड़क के रखरखाव को लेकर संबंधित विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
सड़क की हालत देखकर मौके से कलेक्टर को किया फोन
मंत्री नेताम ने सड़क की स्थिति का जायजा लेने के बाद मौके से ही बलरामपुर-रामानुजगंज कलेक्टर से फोन पर बात की। उन्होंने सड़क की बदहाली के लिए जिम्मेदारी तय करने और लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि सड़क की समय-समय पर मरम्मत और आवश्यक पेच रिपेयरिंग होती रहती तो सड़क की स्थिति इतनी खराब नहीं होती। उनके मुताबिक रखरखाव में कमी के कारण सड़क लगातार खराब होती गई और अब इसका सीधा असर राहगीरों तथा वाहन चालकों पर पड़ रहा है।
SDO और सब इंजीनियर के निलंबन का प्रस्ताव भेजा गया
मंत्री के निर्देश के बाद संबंधित विभाग की ओर से सड़क के रखरखाव से जुड़े SDO और सब इंजीनियर के निलंबन का प्रस्ताव शासन को भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
अब दोनों अधिकारियों के संबंध में अंतिम निर्णय शासन स्तर से लिया जाना है। यानी फिलहाल निलंबन का प्रस्ताव भेजा गया है, कार्रवाई पर अंतिम फैसला होना बाकी है।
बारिश में और मुश्किल हो जाती है आवाजाही
प्रतापपुर-डवरा-सेमरसोत मार्ग क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण सड़क मानी जाती है। इस रास्ते से प्रतिदिन ग्रामीणों के साथ बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार बारिश के दौरान सड़क की स्थिति और खराब हो जाती है। कई स्थानों पर सड़क की ऊपरी परत उखड़ चुकी है और गड्ढों के कारण वाहन चालकों को काफी सावधानी से गुजरना पड़ता है।
छोटे गड्ढे बढ़कर बने बड़ी समस्या
ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं होने के कारण शुरुआती स्तर के गड्ढे धीरे-धीरे बड़े होते गए। इससे वाहनों को नुकसान पहुंचने के साथ दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
विशेषकर बारिश के दौरान पानी भरने से कई गड्ढों की गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है।
अब मरम्मत की उम्मीद जगी
सड़क की बदहाली पर मंत्री की नाराजगी और अधिकारियों के खिलाफ निलंबन प्रस्ताव भेजे जाने के बाद क्षेत्र के लोगों को मार्ग की स्थिति में जल्द सुधार की उम्मीद है।
अब निगाहें शासन के निर्णय और सड़क की वास्तविक मरम्मत पर टिकी हैं। क्षेत्रवासियों की मांग है कि केवल गड्ढों की अस्थायी मरम्मत के बजाय सड़क की स्थिति का तकनीकी मूल्यांकन कर स्थायी समाधान किया जाए।












